नवरात्रि यानि आदि शक्ति मां जगदम्बा की आराधना का पर्व। नवरात्रि के नौ दिनों
नव वर्ष को नए उल्लास और जीवन रूप यात्रा में पुरानी बातों को समाप्त कर नए सिरे
सर्व विघ्नों को हरने वाले गणेश जी प्रथम पूज्य माने जाते हैं इसलिए किसी भी
हनुमान जी की कलयुग के प्रत्यक्ष देवता माने जाते हैं इसीलिये कलयुग में संकट
बसन्त पंचमी से ऋतु बसंत का आरम्भ होता है जो विद्या की देवी सरस्वती के पूजन का
आदि देव शिव को समर्पित महाशिवरात्रि आत्मिक जागरण का पर्व है। इस सृष्टि की
भारतीय काल गणना में सूर्य, चंद्रमा और नक्षत्रों की गति के अनुसार पंचाग का
इस वर्ष केवल दो सूर्य ग्रहण दिखाई देंगे। सूर्य ग्रहण एक खगोलीय प्रक्रिया है
“Mangalam Bhagwan Vishnu, Mangalam Garuda Dhwaja, Mangalam Pundari Kaksho, Mangalaya Thanno Hari.” Weddings are considered as an important part of the life of individuals throughout the world.